Wednesday, March 3, 2010
mahagaye ke liye jimeedar kaun?
भारत सरकार ने पिछले दिनों पेश आम बजट मैं जो भी नियम या बजट मैं जो भी छूट दी गयी उसमें आम आदमी के बारे मैं नहीं सोचा गया और न ही उसमें आम आदमी के लिए कुछ था .इन्कोमे टैक्स मैं छूट सीमा बड़ाई गयी परन्तु इससे उस आदमी को फायदा हुआ जो पहले ही सरकार द्वारा सिक्स पे कमीसन के द्वारा बड़ी हुई मासिक बेतन की बजह से अपनी हेसियत को बढाकर खरीदारी करने के कारन पहलेही पूंजीपति उदोघ जगत की आकंह का तारा बने हुए थे परन्तु इस बजट मैं उन लोगों के लिए कुछ नहीं था जो आज भी भारत के सबसे पिछले पायदान पैर खड़े है बड़ा ही दिलचस्प बात है की लाखों रुपये की गाड़ी चलने बाले अमीरों और दिन रात म्हणत करके खेती करने बाले किसानों को एक ही दाम पैर पेट्रोल और डीजल मिलता है और तो और खाद पैर दी जा रही सब्जिदी को भी इस बजट मैं कम कर दिया गया जिससे पूरे देश मैं खेती एक घटे का सूओदा बन कर रह जाएगी और पहले से ही गरीब किशान और गरीब हो जायेगा ।उत्पाद शुल्क बढाने के कारन महगाई को रोकना न मुमकिन हो जायेगा और ये सरकार केबल महगाई पर चिंता ही जताती रह जाएगी। कोंगरेश का हाथ जो आम आदमी के साथ का नारा देने बलि कोंगरेश का हाथ आम आदमी के गाल पर पड़ा है और उसके बाद भी कोंग्रेस सरकार बेसरमी से महगाई को बदने की बात स्वीकार करती है इस बात से ये जाहिर होता है की सरकार को आम आदमी की कोई सुध नहीं है और ये सरकार केबल अमीरों और पूजीपतियों के बारे मैं सोचती है .इस सरकार को कोई फुर्सत नहीं की हमारे देश मैं लाखों लोग आज भी भूके सोते है जबकि ५० साल से ज्यादा समय तक इस देश पर कोंग्रेस का साशन रहा है जिसके कारन ये कोंगेर्ष का नेतिक दय्ताया बनता है की वो इस देश मैं रहन्बे बाले हर आदमी की सुराचा करे
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