मेरा मन
अकेला
उदाश और तमनाउओसे भरा
मेरा दिल चादनी की शीतलता की तरह
हर तरफ तपिस है
जलन है
और नफरत की आधियाँ है
मुझको भिगो जाती है
एक बूँद बारिश की
जो भरी है मुहबात स
े प्यार से
और अपनेपन स
े पर इस तपिश मैं
इस जलन मैं
और नफरत मैं
खो न जाये
एक बूँद बारिश की
जो भरी है मुहबत से
प्यार से
और अपनेपन से
Monday, July 18, 2011
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